What is Input device in Hindi | इनपुट डिवाइस और इसके प्रकार

Input Device in hindi –  जो भी आज नए नए से कंप्यूटर सिख रहे हैं  या सिखने वाले है, कंप्यूटर के बेसिक सीखते समय एक बात जरूर सुनने के लिए मिलता है, वो है Input Device  क्या है । अगर देखा जाए तो कम्प्युटर इनपुट और आउटपुट डिवाइस के बिना काम नही कर सकता है । या हम कम्प्युटर को कोई निर्देश नही दे सकते है । इनेक बिना और कम्प्युटर से मिलने वाले परिणाम को भी भी जन सकते है । ततो आइये जानते है कम्प्युटर के इनपुट डिवाइस के बारे मे । 

input device in hindi

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इनपुट डिवाइस क्या है? | What is input Device in Hindi ?

इनपुट क्या है input devic kya hai  – इनपुट डिवाइस कंप्यूटर हार्डवेयर के उपकरण होते है ,जो कंप्यूटर को डेटा और इंस्ट्रक्शन देने के काम आता है, जिससे यूजर कंप्यूटर के साथ संपर्क कर सके और उसे कण्ट्रोल कर सके। डेटा और इन्स्ट्रक्शन एक Input Device के द्वारा कंप्यूटर में डाले जाते है । कंप्यूटर में आम Input Device  कीबोर्ड और माउस होता है, जो हर कंप्यूटर के लिए जरुरी है। इसके बिना हम कम्प्युटर से कोई काम नही ले सकते है ।

इनपुट युक्तियाँ (Input Devices in hindi)

कंप्यूटर के इनपुट डिवाइस और  इनपुट डिवाइस के कार्य – वे युक्तियाँ या उपकरण होते है , जिनका प्रयोग उपयोगकर्ता के द्वारा कम्प्यूटर को डेटा और निर्देश प्रदान करने के लिए किया जाता है, इनपुट युक्तियाँ कहलाती हैं। इनपुट युक्तियाँ उपयोगकर्ता से इनपुट लेने के बाद इसे मशीनी भाषा (Machine Language) में परिवर्तित करती हैं और इस परिवर्तित मशीनी भाषा को सीपीयू के पास भेज देती हैं। इनपुट डिवाइस के उदाहरण व इनपुट डिवाइस का चित्र भी साथ मे है । हमारी इस पोस्ट मे ।  5 इनपुट डिवाइस के नाम.

इनपुट डिवाइस के 10 उदाहरण

1कीबोर्ड (Keyboard)
2माऊस ( mouse )
3ट्रैकबॉल ( Track ball )
4जॉयस्टिक ( Joystick )
5प्रकाशीय कलम (Light Pen )
6टच स्क्रीन (Touch Screen )
7ग्राफिक टैबलेट ( Graphic Tablet) 
8बार कोड रीडर (Bar Code Reader )
9ऑप्टिकल मार्क रीड(Optical Mark Reader-OMR) 
10ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकॉग्नीशन (Optical Character Recognition-OCR)
11मैग्नेटिक इंक कैरेक्टर रीडर (Magnetic Ink Character Reader-MICR)
12स्मार्ट कार्ड रीडर ( Smart Card Reader )
13बायोमैट्रिक सेन्सर (Biometric Sensor)
14 स्कैनर (Scanner)
15माइक्रोफोन (Microphone-Mic)
16वेबकैम या वेबकैमरा (Webcam or Web Camera)
17डिजिटल कैमरा ( Digital camera)
18टच पैड ( Touch pad)
19गेम पैड ( Game pad )
20कार्ड रीडर ( Card Reader )

1.कीबोर्ड (Keyboard)

input device-  कीबोर्ड एक प्रकार की मुख्य इनपुट डिवाइस है। कीबोर्ड का प्रयोग कम्प्यूटर को अक्षर और अंकीय रूप में डेटा और सूचना देने के लिए करते हैं। कीबोर्ड एक सामान्य टाइपराइटर की तरह दिखता है, किन्तु इसमें टाइपराइटर की अपेक्षा कुछ ज्यादा कुंजियाँ (Keys) होती हैं। जब कोई कुंजी कोबोर्ड पर दबाई जाती है तो कीबोर्ड, कीबोर्ड कण्ट्रोलर और कीबोर्ड बफर से सम्पर्क करता है।

keyborad

कीबोर्ड कण्ट्रोलर, दबाई गई कुंजी के कोड को कीबोर्ड बफर में स्टोर करता है और बफर में स्टोर कोड सी पी यू के पास भेजा जाता है। सी पी यू इस कोड को प्रोसेस करने के बाद इसे आउटपुट डिवाइस पर प्रदर्शित करता है। कुछ विभिन्न प्रकार के कीबोर्ड जैसे कि QWERTY, DVORAK और AZERTY मुख्य रूप से प्रयोग किए जाते हैं ।

 कीबोर्ड में कुंजियों के प्रकार (Types of Keys on Keyboard)

कीबोर्ड में निम्न प्रकार की कुंजियाँ होती हैं

(i) अक्षरांकीय कुंजियाँ (Alphanumeric Keys)-  इसके अन्तर्गत अक्षर (A, B,…., a, b, c,…., z) site stafia ghfarei (0, 1, 2, 9) आती हैं।

(ii) अंकीय कुंजियाँ (Numeric Keys) – ये कुंजियाँ कीबोर्ड पर दाएँ तरफ होती हैं। ये कुंजियाँ अंको (0, 1, 2, 9) और गणितीय ऑपरेटरों (Mathematical operators) से मिलकर बनी होती है।

(iii) फंक्शन कुंजियाँ (Function Keys) – इन्हें प्रोग्रामेबल कुंजियाँ भी कहते हैं। इनके द्वारा कम्प्यूटर से कुछ विशिष्ट कार्य करवाने के लिए निर्देश दिया जाता है। ये कुंजियाँ अक्षरांकीय कुंजियों के ऊपर F1, F2,…… F12 से प्रदर्शित की जाती हैं।

(iv) कर्सर कण्ट्रोल कुंजियाँ – (Cursor Control Keys)

इसके अन्तर्गतचार तीर के निशान वाली कुंजियाँ आती हैं जो चार दिशाओं (दाएँ, बाएँ, ऊपर, नीचे) को दर्शाती हैं ये कुंजियाँ अक्षरांकीय कुंजियों और अंकीय कुंजियों के मध्य उल्टे T आकार में व्यवस्थित होती हैं

इनका प्रयोग कर्सर को ऊपर, नीचे, दाएँ या बाएँ ले जाने के लिए करते हैं। इन चारों कुंजियों के अतिरिक्त चार कुंजियाँ और होती हैं, जिनका प्रयोग कर्सर को कण्ट्रोल करने के लिए करते हैं। ये कुंजियाँ निम्न हैं

(a) होम (Home) इसका प्रयोग लाइन के प्रारम्भ में या डाक्यूमेण्ट के प्रारम्भ में कर्सर को वापस भेजने के लिए करते हैं।

(b) एण्ड (End) इसका प्रयोग कर्सर को लाइन के अन्त में भेजने के लिए करते हैं।

(c) पेज अप (Page Up) जब इस कुंजी को दबाया जाता है तो पेज का व्यू (View) एक पेज ऊपर हो जाता है और कर्सर पिछले पेज पर चला जाता है।

(d) पेज डाउन (Page Down) जब ये कुंजी दबाई जाती है तो पेज का व्यू एक पेज नीचे हो जाता है और कर्सर अगले पेज पर चला

जाता है।


input device  मे प्वॉइण्टिंग डिवाइसेज का प्रयोग मॉनीटर के स्क्रीन पर कर्सर या प्वॉइण्टर को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए किया जाता है। कुछ मुख्य रूप से प्रयोग में आने वाली प्वॉइन्टिंग युक्तियाँ जैसे- माउस, ट्रैकबॉल, जॉयस्टिक, लाइट पेन और टच स्क्रीन आदि हैं।

01माउस ( mouse )
02ट्रैकबॉल ( Track ball )
03जॉयस्टिक ( Joystick )
04प्रकाशीय कलम (Light Pen )
05टच स्क्रीन (Touch Screen )
06ग्राफिक टैबलेट ( Graphic Tablet) 

(2) माउस (Mouse)

माउस एक प्रकार की प्वॉइण्टिंग युक्ति है। इसका प्रयोग कर्सर (टेक्स्ट में आपकी पोजिशन दर्शाने वाला ब्लिकिंग प्वॉइण्ट ) या प्वाइण्टर को एक स्थान-से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए करते हैं। इसके अतिरिक्त माउस का प्रयोग कम्प्यूटर में ग्राफिक्स (Graphics) की सहायता से कम्प्यूटर को निर्देश देने के लिए करते हैं।

इसका आविष्कार वर्ष 1963 में स्टैण्डफोर्ड रिसर्च सेण्टर डगलस सी एंगलबर्ट ने किया था। इसमें सामान्यतः दो या तीन बटन होते हैं। एक बटन को बायाँ बटन ( Left Button ) और एक बटन को दायाँ बटन (Right Button) कहते हैं। दोनों बटनों के बीच में एक स्क्रॉल व्हील (Wheel) होता है, जिसका प्रयोग किसी फाइल में ऊपर या नीचे के पेज पर कर्सर को ले जाने के लिए करते हैं।

mouse

माउस सामान्यतः तीन प्रकार के होते हैं।

(a) वायरलेस माउस (Wireless Mouse)

(b) मैकेनिकल माउस (Mechanical Mouse)

(c) ऑप्टिकल माउस (Optical Mouse)

माउस के चार प्रमुख कार्य हैं

(a) क्लिक या लैफ्ट क्लिक (Click or Left Click ) यह स्क्रीन पर किसी एक Object को चुनता है।

(b) डबल क्लिक (Double Click ) इसका प्रयोग एक डॉक्यूमेण्ट या प्रोग्राम को खोलने के लिए करते हैं।

(c) दायाँ क्लिक (Right Click ) यह स्क्रीन पर आदेशों की एक सूची | दिखाता है। दायाँ क्लिक का प्रयोग किसी चुने हुए Object के गुण को एक्सेस (Access) करने के लिए करते हैं।

(d) ड्रैग और ड्रॉप (Drag and Drop ) इसका प्रयोग किसी Object को स्क्रीन पर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए करते हैं।


(3) ट्रैकबॉल (Trackball)

ट्रैकबॉल एक प्रकार की प्वॉइण्टिंग युक्ति है जिसे माउस की तरह प्रयोग किया जाता है। इसमें एक बॉल ऊपरी सतह पर होती है इसका प्रयोग कर्सर के मूवमेण्ट (Movement ) कण्ट्रोल करने के लिए किया जाता है। इसका प्रयोग निम्नलिखित कार्यों में किया जाता है।

trackball mouse

(a) CAD वर्कस्टेशनों (Computer Aided Design Workstations) में

(b) CAM वर्कस्टेशनों (Computer Aided Manufacturing Workstations) में

(c) कम्प्यूटरीकृत वर्कस्टेशनों (Computerized Workstations) जैसे कि एयर ट्रैफिक कण्ट्रोल रूम (Air-traffic Control Room), रडार कण्ट्रोल्स (Radar Controls) में

(d) जहाज पर सोनार तन्त्र (Sonar System) में


(4) जॉयस्टिक (Joystick )

जॉयस्टिक एक प्रकार की प्वॉइण्टिग युक्ति होती है जो सभी दिशाओं में मूव करती है और कर्सर के मूवमेण्ट को कण्ट्रोल करती है। जॉयस्टिक का प्रयोग फ्लाइट सिम्युनेटर (Flight simulator), कम्प्यूटर गेमिंग, CAD/CAM सिस्टम में किया जाता है। इसमें एक हैण्डल (Handle) लगा होता है,

joystick

जिसकी सहायता से कर्सर के मूवमेण्ट को कण्ट्रोल करते हैं। जॉयस्टिक और माउस दोनों एक ही तरह कार्य करते हैं किन्तु दोनों में यह अन्तर है कि कर्सर का मूवमेण्ट माउस के मूवमेण्ट पर निर्भर करता है, जबकि जॉयस्टिक में, प्वॉइण्टर लगातार अपने पिछले प्वॉइण्टिंग दिशा की ओर मूव करता रहता है और उसे जॉयस्टिक की सहायता से कण्ट्रोल किया जाता है।


(5) प्रकाशीय कलम (Light Pen)

प्रकाशीय कलम एक हाथ से चलाने वाली इलेक्ट्रोऑप्टिकल प्वॉइण्टिंग युक्ति है, जिसका प्रयोग ड्रॉइंग्स (Drawings) बनाने के लिए, ग्राफिक्स बनाने के लिए और मेन्यू चुनाव के लिए करते हैं। पेन में छोटे ट्यूब ( Small (Tube) के अन्दर एक फोटोसेल (Photocell ) होता है।

light pen

यह पेन स्क्रीन के पास जाकर प्रकाश को सेन्स (Sense) करता है तथा उसके बाद पल्स उत्पन्न करता है। इसका प्रयोग मुख्य रूप से पर्सनल डिजिटल असिस्टेण्ट (Personal Digital Assistant- PDA ) में करते हैं।

इसका प्रयोग स्क्रीन पर किसी विशिष्ट स्थिति (Location) को पहचानने (Identify) के लिए करते हैं। यदि यह स्क्रीन के किसी रिक्त स्थान पर रखा जाता है तो यह किसी भी प्रकार की सूचना नहीं देता है।


(6) टच स्क्रीन (Touch Screen)

टच स्क्रीन एक प्रकार की इनपुट युक्ति है जो उपयोगकर्ता से तब इनपुट लेता है जब उपयोगकर्ता अपनी अंगुलियों को कम्प्यूटर स्क्रीन पर रखता है। टच स्क्रीन का प्रयोग सामान्यतः निम्न अनुप्रयोगों (Applications ) में किया जता है

touch screen

(i)ए टी एम (ATM) में

(ii) एयरलाइन आरक्षण (Air-Line Reservation) में

(iii) बैंक (Bank) में

(iv) सुपर मार्केट (Super Market) में

(v) मोबाइल (Mobile) में


(7) डिजिटाइजर्स और ग्राफिक टैबलेट्स (Digitizers and Graphic Tablets)

graphic tablet

ग्राफिक टैबलेट के पास एक विशेष कमाण्ड होती है जो ड्राइंग, फोटो आदि को डिजिटल सिगनल्स में परिवर्तित करती है। यह कलाकार ( Artist) को हाथ से इमेज और ग्राफिक इमेज बनानेकी अनुमति प्रदान करता है। ग्राफिक टेबलेट 


8. बार कोड रीडर (Bar Code Reader )

यह एक इनपुट युक्ति होती है, जिसका प्रयोग किसी उत्पाद (Product) पर छपे हुए बार कोड (यूनिवर्सल प्रोडक्ट कोड) को पढ़ने के लिए किया जाता है। बार कोड रीडर से प्रकाश की किरण निकलती है; फिर उसकिरण को बार कोड इमेज पर सखते हैं बार कोड रीडर में एक लाइट सेन्सिटिव डिटेक्टर होता है जो बार कोड इमेज को दोनों तरफ से पहचानता है। एक बार ये कोड पहचानने के बाद इसे सांख्यिक कोड (Numeric Code) में परिवर्तित करता है।

barcode scanner

बार कोड रीडर का ज्यादा प्रयोग सुपर मार्केट में किया जाता है, जहां पर बार कोड रीडर के द्वारा आसानी से किसी उत्पाद का मूल्य रीड किया जाता है। बार कोड गाढ़ी और हल्की स्याही की उर्ध्वाधर रेखाएँ हैं जो सूचना के रूप में प्रस्तुत किए जाते हैं तथा मशीन इसे आसानी से पढ़ लेती है।


9. ऑप्टिकल मार्क रीड(Optical Mark Reader-OMR) 

ऑप्टिकल मार्क रीडर एक प्रकार की इनपुट डिवाइस है, जिसका प्रयोग किसी कागज पर बनाए गए चिन्हों को पहचानने के लिए किया जाता है। यह कागज पर प्रकाश की किरण छोड़ता है और प्रकाश की किरण जिस चिह्न पर पड़ती है उस चिह्न को OMR रीड (read) करके कम्प्यूटर को इनपुट दे देता है।

optical reader

OMR की सहायता से किसी वस्तुनिष्ठ प्रकार (Objective Type) की प्रयोगात्मक परीक्षा की उत्तर पुस्तिका की जाँच की जाती है। इसकी सहायता से हजारों प्रश्नों का उत्तर बहुत ही कम समय में आसानी से जांचा जा सकता है।


10.ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकॉग्नीशन (Optical Character Recognition-OCR)

यह ओ एम आर (OMR) का ही कुछ सुधरा हुआ रूप होता है। यह केवल साधारण चिह्नों को ही नहीं, बल्कि छापे गए या हाथ से साफ- साफ लिखे गए अक्षरों को भी पढ़ लेता है। यह प्रकाश स्रोत की सहायता से कैरेक्टर की शेप को पहचान लेता है।

इस तकनीक को ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकॉग्नीशन (Optical Character Recognition) कहा जाता है। इसका उपयोग पुराने दस्तावेजों को पढ़ने में किया जाता है। इसका प्रयोग कई अनुप्रयोगों जैसे कि टेलीफोन, इलेक्ट्रीसिटी बिल, बीमा प्रीमियम आदि को पढ़ने में किया जाता है। OCR की अक्षरों को पढ़ने की गति 1500 3000 कैरेक्टर प्रति सेकण्ड होती है।


11.मैग्नेटिक इंक कैरेक्टर रीडर (Magnetic Ink Character Reader-MICR)

MICR सूचनाओं का मैट्रिक्स के रूप में उनके आकार का परीक्षण करता है, उसके बाद उसे रीड करता है और रीड करने के बाद सूचनाओं को कम्प्यूटर में भेजता है। सूचनाओं में कैरेक्टर एक विशेष इंक से छपे होते हैं, जिसमें आयरन कण (Iron Particles) होते हैं और उन कणों को मैग्नेटाइज (Magnetize) किया जा सकता है। इस प्रकार की स्याही को चुम्बकीय स्याही कहते हैं।

bank check

इसका प्रयोग बैंको में चेक में नीचे छपे मैग्नेटिक इनकोडिंग संख्याओं को पहचानने और प्रोसेस करने के लिए किया जाता है।


12. स्मार्ट कार्ड रीडर ( Smart Card Reader )

स्मार्ट कार्ड रीडर एक डिवाइस है, जिसका प्रयोग किसी स्मार्ट कार्ड के माइक्रोप्रोसेसर को एक्सेस (Access) करने के लिए किया जाता है। स्मार्ट कार्ड दो प्रकार के होते हैं

card reader

(i) मैमोरी कार्ड

(ii) माइक्रोप्रोसेसर कार्ड

मैमोरी कार्ड में नॉन-वॉलेटाइल मैमोरी स्टोरेज कम्पोनेण्ट होता है जो डेटा को स्टोर करता है। माइक्रोप्रोसेसर कार्ड में वॉलेटाइल मैमोरी और माइक्रोप्रोसेसर कम्पोनेण्ट्स दोनों होते हैं। कार्ड सामान्यतः प्लास्टिक से बना होता है। स्मार्ट कार्ड का प्रयोग बड़ी कम्पनियों और संगठनों में सुरक्षा के उद्देश्य से किया जाता है।


13. बायोमैट्रिक सेन्सर (Biometric Sensor)

बायोमैट्रिक सेन्सर एक प्रकार की डिवाइस है, जिसका प्रयोग किसी व्यक्ति की अंगुलियों के निशान को पहचानने के लिए करते हैं। बायोमैट्रिक सेन्सर का मुख्य प्रयोग सुरक्षा के उद्देश्य से करते

finger print scanner

इसका प्रयोग किसी संगठन में कर्मचारियों या संस्थान में विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए किया जाता है। बायोमैट्रिक बहुत शुद्धतापूर्वक एवं दक्षतापूर्वक कार्य करता है, इसीलिए इसका प्रयोग सुरक्षा के उद्देश्य से ज्यादा होता है।


14. स्कैनर (Scanner)

स्कैनर का प्रयोग पेपर पर लिखे हुए डेटा या छपे हुए चित्र (Image) को डिजिटल रूप में परिवर्तित करने के लिए करते हैं। यह एक ऑप्टिकल इनपुट डिवाइस है जो इमेज को इलेक्ट्रॉनिक रूप में बदलने के लिए प्रकाश को इनपुट की तरह प्रयोग करता है

scanner

और फिर चित्र को डिजिटल रूप में बदलने के बाद कम्प्यूटर में भेजता है। स्कैनर का प्रयोग किसी दस्तावेज (Documents) को उसके वास्तविक रूप में स्टोर करने के लिए किया जा सकता है, जिससे उसमें आसानी से कुछ बदलाव किया जा सके।

स्कैनर निम्न प्रकार के होते हैं।

(i) हैण्ड हेल्ड स्कैनर (Hand Held Scanner) ये आकार में काफी छोटे और हल्के होते हैं, जिन्हें आसानी से हाथ में रखकर भी डॉक्यूमेण्ट को स्कैन किया जा सकता है। यदि किसी डॉक्यूमेण्ट को स्कैन करना हो तो डॉक्यूमेण्ट के अलग-अलग भागों को स्कैन करना पड़ता है। लेकिन आकार में छोटा और हल्का होना इसका एक महत्वपूर्ण फायदा है।

(ii) फ्लैटबेड स्कैनर्स (Flatbed Scanner) ये काफी बड़े और महँगे स्कैनर होते हैं तथा काफी उच्च गुणवत्ता के चित्र उत्पन्न करते हैं। इसमें एक समतल पटल (Flat Surface) होता है जिस पर डॉक्यूमेण्ट को रखकर स्कैन किया जाता है। यह बिल्कुल उसी तरह कार्य करता है जिस तरह फोटोकॉपी मशीन पर पेज रखकर फोटोकॉपी करते है। यह एक बार में पूरा एक पेज स्कैन करता है।

(iii) ड्रम स्कैनर (Drum Scanner) ये माध्यम आकार ( Medium (Size) के स्कैनर होते हैं। इनमें एक घूमने वाला ड्रम होता है। पेपर या शीट को स्कैनर में इनपुट देते हैं और स्कैनर में लगा ड्रम पूरे पेज पर घूमता है, जिससे पूरा पेज स्कैन हो जाता है। यह बिल्कुल फैक्स मशीन की तरह कार्य करता है।


15. माइक्रोफोन (Microphone-Mic)

माइक्रोफोन एक प्रकार का इनपुट डिवाइस है, जिसका प्रयोग कम्प्यूटर को साउण्ड के रूप में इनपुट देने के लिए किया जाता है। माइक्रोफोन आवाज को प्राप्त करता है तथा उसे कम्प्यूटर के फॉर्मेट (Format) में परिवर्तित करता है,

microphone

जिसे डिजिटाइज्ड साउण्ड या डिजिटल ऑडियो भी कहते हैं। माइक्रोफोन में आवाज को डिजिटल रूप में परिवर्तित करने के लिए एक सहायक हार्डवेयर की आवश्यकता पड़ती है।

इस सहायक हार्डवेयर को साउण्ड कार्ड कहते हैं। माइक्रोफोन को कम्प्यूटर के साथ जोड़ा जाता है, जिससे आवाज कम्प्यूटर में रिकॉर्ड हो जाती है आजकल माइक्रोफोन का प्रयोग स्पीच रिकॉग्निशन सॉफ्टवेयर ( Speech Recognition Software) के  साथ भी किया जाता है अर्थात् इसकी सहायता से हमें कम्प्यूटर टाइप करने की जरूरत नहीं पड़ती बल्कि जो बोला जाता है वो डॉक्यूमेण्ट में छप जाता है।


16. वेबकैम या वेबकैमरा (Webcam or Web Camera)

वेबकैम एक प्रकार की वीडियों कैम्चरिंग (Capturing) डिवाइस है। यह एक डिजिटल कैमरा है जिसे कम्प्यूटर के साथ जोड़ा जाता है। इसका प्रयोग वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग और ऑनलाइन चैटिंग (Chatting) आदि कार्यों के लिए किया जाता है।

web cam

इसकी सहायता से चित्र भी बना सकते हैं यदि दो लोगों के कम्प्यूटर में वेबकैमरा लगा है और कम्प्यूटर इण्टरनेट से जुड़ा हुआ है तो हम आसानी से एक-दूसरे को देखकर बातचीत कर सकते हैं।

इन्हें भी जानें

  • ऑप्टिकल माउस का आविष्कार माइक्रोसॉफ्ट ने वर्ष 1999 में कियाथा।
  • स्कैनर ग्रे स्केल (Gray scale) और कलर मोड (Color mode) ) दोनों में इमेज (Image) को स्टोर कर सकता है।
  •  ड्रैग तथा ड्रॉप का तात्पर्य है कि माउस के बाएँ बटन को क्लिक किए रखना और माउस प्वॉइण्टर को किसी दूसरे स्थान पर ले जाकर बाएँ बटन को छोड़ देना है।
  • OCR टेक्नोलॉजी का विकास अधिक शुद्धता से अक्षरों को पहचानने के लिए किया गया है। इसीलिए इसे इण्टेलिजेन्स करैक्टर रिकॉग्निशन (Intelligence Character Recognition ICR) भी कहते हैं।
  • स्पीच रिकॉग्निशन सिस्टम, बोले हुए शब्दों को मशीन के पढ़ने लायक इनपुट में बदल देता है। इसका प्रयोग हवाई जहाज कॉकपिट में, Voice डायलॉग, सरल डेटा प्रविष्टि स्पीच से टेक्स्ट प्रोसेसिंग में होता है।

17 . डिजिटल कैमरा ( Digital camera)

एक डिजिटल कैमरा (या संक्षेप में – डिजिकैम) एक ऐसा कैमरा है जो डिजिटल रूप में वीडियो या फोटोग्राफ या दोनों लेता है और एक इलेक्ट्रॉनिक इमेज सेंसर के माध्यम से चित्रों को रिकॉर्ड कर लेता है।

digital camera

कई कॉम्पैक्ट डिजिटल स्टिल कैमरे, ध्वनि और मूविंग वीडियो के साथ-साथ स्टिल फोटोग्राफ को भी रिकॉर्ड कर सकते हैं।, और मॉनिटर स्क्रीन पर देख सकते है। एक डिजिटल कैमरा स्टिल फोटोग्राफ लेने और वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक इमेज सेंसर का उपयोग करता है।

डिजिटल कैमरा को डिजी कैम के नाम से भी जाना जाता है। डिजिटल कैमरा के इमेज डिजिटल मेमोरी में स्टोर होते है। आज के ज्यादातर कैमरा डिजिटल कैमरा ही है। डिजिटल कैमरे डिजिटल उपकरणों की एक विस्तृत श्रृंखला के साथ एकीकृत होते हैं।


18. टच पैड ( Touch pad)

टचपैड को ट्रैकपैड, ग्लाइड पैड, ग्लाइड पॉइंट, या प्रेशर-सेंसिटिव टैबलेट भी कहा जाता है, Touchpad एक लैपटॉप में और कुछ कीबोर्ड पर एक Input Device का काम करता है। यह उपयोगकर्ता को अपनी उंगली से कर्सर को ले जाने और पॉइंटिंग करने की अनुमति देता है। इसका एक्सटर्नल माउस के जगह पर उपयोग जाता है, जो की एक लैपटॉप के साथ इनबिल्ट होकर आता है।

touch pad

Touchpad या “trackpad” एक सपाट नियंत्रण सतह है जिसका उपयोग कर्सर को स्थानांतरित करने और कंप्यूटर पर अन्य कार्य करने के लिए किया जाता है। Touchpads आमतौर पर लैपटॉप पर पाए जाते हैं और माउस की कार्यक्षमता को प्रतिस्थापित करते हैं।


19. गेम पैड ( Game pad)

game pad

गेमपैड एक प्रकार का गेम कंट्रोलर होता है जो दो हाथों से कण्ट्रोल किआ जाता है, जहां उंगलियों से इनपुट प्रदान करने के लिए उपयोग किया जाता है। वे आम तौर पर वीडियो गेम कंसोल और कंप्यूटर में गेम खेलने के लिए मुख्य Input Device होते हैं। जिसकी मदद से बड़ी आसानी से गेम खेला जा सकता है ।


20. कार्ड रीडर ( Card Reader )

card reader

कार्ड रीडर एक डेटा Input Device होता है किसी कार्ड मे स्टोर डाटा को पड़ने के काम आता है । ये कार्ड मेमोरी कार्ड , क्रेडिट कार्ड या और किसी प्रकार का कोई कार्ड हो जिसमे किसी प्रकार की कोई सूचना हो । इसकी मदद से बड़ी आसानी से इसे पढ़ और कम्प्युटर ,लैपटाप या अनय किसी डिवाइस मे ट्रान्सफर कर  सकते है  । आजके आधुनिक कार्ड रीडर इलेक्ट्रॉनिक वाले उपकरण हैं जो बारकोड, चुंबकीय स्ट्रिप, कंप्यूटर चिप, या किसी अन्य स्टोरेज माध्यम के साथ एम्बेडेड प्लास्टिक कार्ड को पढ़ सकते हैं।


conclusion

5 इनपुट ( input device in hindi ) और आउटपुट डिवाइस  – हमने अपनी इस पोस्ट मे आपको कम्प्युटर के इनपुट डिवाइस के बारे मे पूरी जानकारी प्रदान करने की कोशिश की है । अगर इसमे किसी प्रकार की कोई कमी हो तो आप हमे कमेंट करके बता सकते हो ।


कम्प्युटर- comuter 

 

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