JEE full form in Hindi – JEE full form क्या होता है ?

आपने भी jee के बारे मे सुना होगा । और आपके भी मन मे इसको ले कर के बहुत सारे सवाल मन मे आए होंगे जैसे की – JEE full form , jee advanced full form , jee full form in english , jee main full form , full form of jee , जेईई का फुल फॉर्म क्या है , जेईई फुल फॉर्म . तो आज आपके इन सभी सवालो का जवाब आज अपनी इस पोस्ट मे देने वाले है ।


JEE full form

jee full form

JJoint
EEntrance
EExamination
official website JEE main

JEE full form in hindi 

Jसंयुक्त
Eप्रवेश
Eपरीक्षा

Jee का फुल्ल फॉर्म – Joint Entrance Examination होता है जिसे हिन्दी मे हिंदी में संयुक्त प्रवेश परीक्षा कहते है. jee एक joint entrance exam है । अगर आप Engineer बनना चाहते हैं तो यह Information आप के लिए बहुत लाभदायक है। और आप सरकारी college मे प्रवेश लेना चाहते हो तो आपको इस परीक्षा को देना और अच्छे number मे पास करना होता है jee की परीक्षा सरकार द्वारा छात्रों को देश के मुख्य Engineer collage NITs, IITs, CFTIs मे प्रवेश देने के लिए होता है । ये था JEE full form हिन्दी और इंग्लिश मे । 

यहा परीक्षा को भागो मे होती है

  • JEE Main
  • JEE Advanced

CV full form 


JEE main

JEE full form – ये इस परीक्षा का पहला भाग है जिसमे आपको अच्छा score करना होता है  ये objective टाइप पेपर होता है JEE Main के एग्जाम या कह सकते हैं Entrance Test को CBSE के द्वारा Conduct करवाया जाता है।

और जो भी विद्यार्थी इसमें अच्छे अंक प्राप्त करते हैं उन्हे state collage जैसे – IITs, NITs, CFTIs एवं अन्य Engineering कॉलेज में आसानी से एडमिशन मिल जाता है। जो राज्य सरकार द्वारा चलाये जा रहे हैं। इनमें कुछ अच्छे निजी कॉलेज भी शामिल होते हैं। जिनका नाम अच्छा होता है और जिनमें अच्छी शिक्षा दी जाती है।

JEE Main देने के लिए विद्यार्थी को इस परीक्षा को उत्तीर्ण करके कम से कम 75% लाना अनिवार्य होता है वहीं आरक्षण वाले विद्यार्थी जैसे एससी / एसटी उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 65% लाना अनिवार्य है।

एक उम्मीदवार कम से कम तीन वर्षों तक JEE Main की परीक्षा के लिए प्रयास कर सकता है। इसका पेपर 3 घंटों का होता है एवं हिंदी और अंग्रेजी भाषा में यह पेपर दिया जाता है जिससे कि छात्र को सहूलियत हो।

पहला पेपर:

पहले पेपर में Physics, Chemistry एवं Maths के Question पूछे जाते हैं। इसमें Multiple Choice Questions होते हैं।

JEE-Main परीक्षा देने के लिये योग्यता :-

इस परीक्षा को देने के लिए जो योग्यता मांगी जाती है वह निम्न प्रकार से है-

  • यदि आप इंटर में पढ़ रहे हो या इंटर की पढ़ाई कंप्लीट कर चुके हो तथा इंटर में आपके पास math, science सब्जेक्ट रहा हो अथवा है तो आप इस परीक्षा को आसानी से दे सकते हैं।

JEE Advanced

 इंडिया के 23 आईआईटी यानी इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम जरूरी है।।
जेईई एडवांस में सबसे अच्छा स्कोर करने वाले स्टूडेंट को ही आईआईटी में एडमिशन मिल पाता है। JEE Advance भी JEE Main की तरह ही होता है।

लेकिन यह IITs द्वारा Conduct करवाया जाता है। और इस परीक्षा को जो भी विद्यार्थी अच्छे अंकों से उत्तीर्ण  करते हैं उन्हें 23 IITs में से किसी एक में एडमिशन मिलता है। यह परीक्षा JEE Main की तुलना में थोड़ी कठिन होती है। और दोनों ही एग्जाम आपस में जुड़े हैं।

जब तक विद्यार्थी JEE Main Qualify नहीं कर लेता तब तक वह JEE Advance के लिए Illegible नहीं होता। यह परीक्षा उम्मीदवार केवल दो बार ही दे सकते हैं। और वह भी लगातार देना होती हैं।

दूसरा पेपर:

दूसरा पेपर भी Physics, Chemistry एवं Maths के Question ही आते हैं लेकिन यह पूरा पेपर Numerical Type Questions पर बेस्ड होता है।

jee की परीक्षा साल मे दो बार होती है मतलब हर 6 महीने मे एक बार होती है । दोनों ही एग्जाम का समय 3 घंटे का होता है। और दोनों में ही हिंदी और अंग्रेजी भाषाओँ का प्रयोग किया जाता है। और आपको यहाँ JEE Main एवं JEE Advance में अतर तो समझ आ ही गया होगा। दोनों में अंतर जानना बहुत जरुरी है।

JEE-Advance परीक्षा देने के लिये योग्यता :-

इस परीक्षा को देने के लिए जो योग्यता मांगी जाती है वह निम्न प्रकार से है-

  • JEE-Advance की परीक्षा को देने के लिए आपको JEE-Mains में पास होना पड़ता हैं तभी आप इस परीक्षा को दे सकते हैं। 
  • JEE-Advance की परीक्षा देने के लिए आपको किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज से अपने 12वीं की परीक्षा पास करनी पड़ती है। 
  • 12वीं में आपके 75% मार्क होने चाहिए, इसके अलावा आरक्षित वर्ग के लोगों को कुछ छूट भी दी जाती हैं।

UPSC full form 


JEE MAIN एवं JEE ADVANCE में अंतर

अप्रैल 2013 से ही जीईई की परीक्षा को दो हिस्सों में आयोजित किया जाने लगा है। एक है Main और दूसरा Advance , जिसकी वजह से अभ्यर्थी  कई बार सोच में पड़ जाते हैं कि JEE Main एवं JEE Advance में क्या अंतर है।  इसलिए जानिये JEE Main एवं JEE Advance में अंतर है |

JEE MAIN 

हमने उपर भी इसके बारे मे बतया है की JEE Main की  एग्जाम में Entrance Test को CBSE के द्वारा Conduct करवाया जाता है। और  फिर इसमें अच्छे अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को  IITs, NITs, CFTIs एवं अन्य Engineering कॉलेज में आसानी से एडमिशन प्रदान कर दिया जाता है, जो राज्य सरकार द्वारा चलाये जा रहे हैं। इनमें कुछ अच्छे निजी कॉलेज भी शामिल किये जाते हैं, जिससे अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता है |

JEE ADVANCE

वहीं JEE Advance का आयोजन अधिकतर आईआईटी IITs के द्वारा Conduct करवाया जाता है। है।  और इस परीक्षा को जो भी विद्यार्थी अच्छे अंकों से उत्तीर्ण  करते हैं उन्हें 23 IITs में से किसी एक में एडमिशन मिलता है। यह परीक्षा JEE Main की तुलना में थोड़ी कठिन होती है। और दोनों ही एग्जाम आपस में जुड़े हैं।


JEE (जेईई) के लिए पात्रता

JEE full form – जो भी छात्र 12 वी मे (फिजिक्स केमिस्ट्री और मैथ्स ) PCM के छात्र है या 12 वी इन subject से पास किया हो । वो सभी लोग इस परीक्षा जेईई के लिए एलिजिबल है  । इसको देने के लिए भी आपकी आयु 17 वर्ष होना चाहिए । 

और जो भी  विद्यार्थी जो 12वी की कक्षा में पढ़ रहे है वो विद्यार्थी इस एग्जाम में बैठ सकते है। 2019 में 10 + 2 कक्षा 12 वीं अंतिम या समकक्ष परीक्षा में बैठने वाले भी JEE Main 2019 में Provisional रूप से शामिल हो सकते हैं.


JEE full form  – 12वी पास करने के बाद भी विद्यार्थी 2 साल तक एग्जाम के लिए पात्रता रखता है। इसका मतलब विद्यार्थी 3 साल तक एग्जाम में बैठ सकता है और एग्जाम साल में दो बार Conduct होते है इसलिए एक विद्यार्थी कुल 6 बार इस एग्जाम में बैठ सकता है। और अपने सपने को साकार कर सकता है।


IITs की फीस:

सरकारी कॉलेज की fees private collage की तुलना मे कम होती है । और इसमे भी आरक्षण के आधार मे छुट भी मिलती है । अगर आप फीस देने मे सक्षम नही हो या आप अपंग हो तो कर बार फीस माफ भी हो जाती है । iit मे पढ़ाई करने से नौकरी की बहुत से अच्छे अवसर मिलते है । iit का माहोल भी सभी collage से अगल होता है ।


JEE (जेईई) की मुख्य पॉइंट 

  • jee के लिए 12 मे (फिजिक्स केमिस्ट्री और मैथ्स ) PCM के छात्र होना जरूरी है । 
  • jee की परीक्षा साल मे 2 बार लिया जाता है, पहली बार जनवरी में और दूसरी बार अप्रैल में । 
  • इसके पहले भाग या चरण को jee mains कहते है । जो हर साल हर साल अप्रैल महीने के पहले सप्ताह में कंडक्ट होता है।
  • जेईई मेन एंट्रेंस एग्जाम में 2 पेपर होते हैं, पहला पेपर उन स्टूडेंट्स को अटेंड करना होता है, जो इंजीनियरिंग में एडमिशन लेना चाहते हैं, और दूसरा पेपर उन स्टूडेंट के लिए होता है, जो बीआर्क कोर्स में एडमिशन लेना चाहते हैं।
  • जेईई मेंस की रैंकिंग तैयार करने में क्लास ट्वेल्थ का स्कोर कंसीडर नहीं किया जाता है, वही जेईई एडवांस की रैंकिंग में स्टूडेंट के ट्वेल्थ स्कोर का महत्व होता है।
  • कोई स्टूडेंट जेईई मेन का एग्जाम लगातार तीन साल लिख सकता है वही जेईई एडवांस का केवल 2 साल लिख सकता है।
  • अगर कोई स्टूडेंट एक ही साल में होने वाले दो जेईई मेन या जेई एडवांस के एग्जाम में अप्पेअर होता है, तो उसका यह दोनों अटेंप्ट 1 साल के अंदर ही होगा, और इसे एक अटेम्प्ट के रूप में ही कंसीडर किया जाएगा।
  • जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन में मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन पूछे जाते हैं, और इस एग्जाम में नेगेटिव मार्किंग स्कीम भी होता है।
  • जेईई की पूरी प्रक्रिया जैसे कि एप्लीकेशन, एग्जामिनेशन, रिजल्ट और काउंसलिंग, सब कुछ ऑनलाइन होता है।
  • इंडिया के बहुत सारे टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज में जेईई मेन के स्कोर पर एडमिशन मिल सकता है।

JEE एग्जाम का पैटर्न केसा होता है?

JEE का पहला paper online होता है जिसको computer के द्वारा लिया जाता है जिसमे objectiv question होते है । ये सभी सवाल फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स(pcm) तीनों से मिलाकर पूछे जाते है । तीनों से बराबर बराबर सवाल आते आते है । यानि की हर एक सब्जेक्ट subject से 30 -30 Question पूछे जाते है, इसका मतलब है कि कुल 90 प्रश्न पूछे जाते हैं जो 360 अंक के होते हैं। इन सभी के बराबर बराबर number के होते है । 

हर प्रश्न के चार विकल्प होते है जिनमें से एक सही उत्तर होता है प्रत्येक सही उत्तर पर 4 अंक प्राप्त होते है। और प्रत्येक गलत उत्तर पर 1/4 अंक काट लिया जाता है जिसे Negative मार्किंग कहते है यह एग्जाम पूर्णतः Online ही होती है जो की CBSE द्वारा साल में दो बार Conduct की जाती है।

jee का advance paper objective नही होता है इसमे आपको written test देना होता है ।


JEE FAQ 

Question : जेईई परीक्षा का मतलब क्या होता है?

Ans : JEE की फुल फॉर्म Joint Entrance Examination होती है. JEE को हिंदी में संयुक्त प्रवेश परीक्षा कहते है. जिसे सरकरी engineering collage मे प्रवेश देने के लिए किया जाता है । ये है JEE full form ।

Question : जेईई मेन परीक्षा में कितनी बार शामिल हुआ जा सकता है?

Ans :उम्मीदवार लगातार 3 वर्षों तक जेईई मेन में भाग ले सकते हैं।

Question : AIEEE full form

Ans :All India Engineering Entrance Examination (AIEEE)


conclusion

प्यारे दोस्तों उम्मीद करते हैं कि आपको हमारे आर्टिकल के माध्यम से समझ आ गया होगा JEE full form क्या होता है ?  अगर आपको कोई भी कठिनाई आए तो आप हम से नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं आप का कमेंट हमारे लिए महत्वपूर्ण है आगे भी इसी तरह से आपको अपने आर्टिकल के माध्यम से और चीजों के बारे में जानकारी प्रदान करता रहूँगा।


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