operating system in hindi | ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है? और इसके प्रकार

operating system in hindi – आज की इस पोस्ट के मधायम से मै आपको operating system क्या होता है और इसके प्रकार के बारे मे बताने वाला हु । अगर आपको भी कम्प्युटर ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे मे जानना है तो आप हमारी इस पोस्ट को अंत तक जरूर पड़े ।

operating system in hindi

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आपरेटिंग सिस्टम क्या है  (Operating System in Hindi)

ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System) कुछ विशेष प्रोग्रामों का ऐसा व्यवस्थित समूह है जो किसी कम्प्युटर के द्वारा किए जाने वालों कामो या क्रियाकलापो की नियन्त्रित करता है। यह कम्प्युटर के द्वारा उपयोग किए जाने वाले हार्डवेयर या साधनो के माध्यम से हमे कम्प्युटर मे काम करने  मे मदद करता है साथ साथ इन सब पर नजर भी बनाए रखता है ।

ऑपरेटिंग सिस्टम आवश्यक होने पर अन्य प्रोग्रामों को चालू करता हैं। वास्तव में यह उपयोगकर्ता और कम्प्यूटर के हार्डवेयर के बीच इण्टरफेस का कार्य करता है।

ऑपरेटिंग सिस्टम की परिभाषाएँ ( Definition of Operating System)

ऑपरेटिंग सिस्टम प्रमुख परिभाषाएँ निम्न हैं। what is operating system in hindi

ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System) एक ऐसा सॉफ्टवेयर प्रोग्रामों का समूह है जो मानव, एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर और कम्प्यूटर हार्डवेयर के बीच संवाद स्थापित करता है।

ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System) एक ऐसा प्रोग्राम हैं, जो कम्प्यूटर के विभिन्न अंगो को निर्देश देता है कि किस प्रकार से प्रोसेसिंग का कार्य सफल होगा।

ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System) एक ऐसा सॉफ्टवेयर है, जो यूजर एवं कम्प्यूटर हार्डवेयर के बीच एक माध्यम (Interface) की भाँति कार्य करता है।

OS (Operating System)  कंप्यूटर के सभी operations को manage करता है।


operating system दो प्रकार के होते है:-

  1. character user interface (CUI)
  2. Graphical user interface (GUI)

1. character user interface (CUI) – CUI, user-friendly नही होता है और इस OS को चलाने के लिए हमेशा command को type करना पड़ता है।  जैसे:- DOS एक CUI ऑपरेटिंग सिस्टम है।

2.Graphical user interface (GUI) – GUI ऑपरेटिंग सिस्टम user-friendly होता है और इस ऑपरेटिंग सिस्टम को चलाने के लिए command नही देनी पड़ती है बल्कि जिस program को open करना है उसमें mouse से क्लिक करना पड़ता है। जैसे:- विंडोज एक GUI ऑपरेटिंग सिस्टम है।

  • OS का कार्य अन्य प्रोग्राम्स तथा ऍप्लिकेशन्स को run कराना होता है तथा यह कंप्यूटर के हार्डवेयर तथा सॉफ्टवेयर के मध्य bridge की तरह कार्य करता है।
  • बिना OS के एक कंप्यूटर useless (बेकार) होता है।
  • multitask operating system में एक ही समय पर बहुत सारें programs run हो जाते है. और ऑपरेटिंग सिस्टम यह निर्धारित करता है कि कौन सा प्रोग्राम कब run होगा और कितने समय के लिए run होगा.

ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रमुख कार्य (Main Functions of Operating System)

operating system in Hindi

ऑपरेटिंग सिस्टम कम्प्यूटर के सफल संचालन की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। इसके प्रमुख कार्य चार प्रकार के होते हैं।

1. प्रोसेसिंग प्रबन्धन (Processing Management)

कम्प्यूटर के सेण्ट्रल प्रोसेसिंग यूनिट के प्रबन्धन का कार्य ऑपरेटिंग सिस्टम ही करता है। यह प्रबन्धन इस प्रकार से होता है कि सभी प्रोग्राम एक-एक करके निष्पादित होते हैं। ऑपरेटिंग सिस्टम सभी प्रोग्रामों के समय को सीपीयू के लिए विभाजित कर देता है।

2. मैमोरी प्रबन्धन (Memory Management )

प्रोग्राम के सफल निष्पादन के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम मैमोरी प्रबन्धन का अत्यन्त ही महत्वपूर्ण कार्य करता है। जिसके अन्तर्गत कम्प्यूटर मैमोरी में कुछ स्थान सुरक्षित रखे जाते हैं। जिनका विभाजन प्रोग्रामों के मध्य किया जाता है तथा साथ ही यह भी ध्यान में रखा जाता है कि प्रोग्रामों को मैमोरी के अलग-अलग स्थान प्राप्त हो सके। किसी भी प्रोग्राम को इनपुट एवं आउटपुट करते समय आँकड़ों एवं सूचनाओं को अपने निर्धारित स्थान में संग्रहीत करने का कार्य भी ऑपरेटिंग सिस्टम का है।

3.इनपुट आउटपुट युक्ति प्रबन्धन (Input-Output Device Management)

डेटा को इनपुट यूनिट से पढ़कर मैमोरी में उचित स्थान पर संग्रहीत करने एवं प्राप्त परिणाम को मैमोरी से आउटपुट यूनिट तक पहुँचाने का कार्य भी ऑपरेटिंग सिस्टम का ही होता है। प्रोग्राम लिखते समय कम्प्यूटर को केवल यह बताया जाता है कि हमें क्या इनपुट करना है और क्या आउटपुट लेना है, बाकी का कार्य ऑपरेटिंग सिस्टम ही करता है।

4. फाइल प्रबन्धन (File Management)

ऑपरेटिंग सिस्टम फाइलों को एक सुव्यवस्थित ढंग से किसी डायरेक्टरी में संग्रहीत करने की सुविधा प्रदान करता है। किसी प्रोग्राम के निष्पादन के समय इसे सेकण्डरी मैमोरी से पढ़कर प्राइमरी मैमोरी में डालने का कार्य भी ऑपरेटिंग सिस्टम ही करता है।

5. security (सुरक्षा) :-  एक ऑपरेटिंग सिस्टम अपने user  के data को विभिन्न तरह सुरक्षा प्रदान करता है । किसी भी प्रोग्राम या डेटा को unauthorized एक्सेस से बचाता है. इसमें password तथा अन्य तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है.

6. reliability (विश्वसनीय) :-  बहुत ही reliable होता है । ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ आने वाले faction का उपयोग करके हम  किसी भी virus तथा हानिकारक codes को detect किया जा सकता है.  जो हमे एक सुरक्षा देता है । बाहरी खतरो से जैसे की – file crypt , hacking ect ।

7. cost (मूल्य):- operating system का cost इसके features के आधार पर निर्धारित होता है जैसे:- windows की cost 100 $ के आस पास होती है  या इसे भी अधिक होती है । जबकि DOS तथा UNIX ऑपरेटिंग सिस्टम free होते है ।

8। ease of use :- इसे आसानी से use किया जा सकता है क्योंकि इसमें GUI इंटरफ़ेस भी होता है. यहा चलाने मे आसान होता है । बस कुछ डीनो की practice के बाद इसमे काम क्या जा सकता है ।


Advantages of operating system in Hindi (ऑपरेटिंग सिस्टम के फायदे)

  • ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System) एक ऐसा सॉफ्टवेयर प्रोग्रामों का समूह है जो मानव, एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर और कम्प्यूटर हार्डवेयर के बीच संवाद स्थापित करता है।
  • इसे आसानी से use किया जा सकता है क्योंकि इसका ग्राफिकल यूजर इंटरफ़ेस होता है.  और नए users इसके द्वारा कंप्यूटर को आसानी से चला सकते है.
  • ऑपरेटिंग सिस्टम एक ऐसा प्रोग्राम हैं, जो कम्प्यूटर के विभिन्न अंगो को निर्देश देता है कि किस प्रकार से प्रोसेसिंग का कार्य सफल होगा।
  • इसके द्वारा हम एक data को बहुत सारें users के साथबड़ी आसानी से  share कर सकते है.
  • इसके द्वारा हम resources को share कर सकते है जैसे:- प्रिंटर.
  • इसे एक click करके  update किया जा सकता है.
  • यह सुरक्षित (secure) होता है जैसे:- windows में windows defender होता है जो कि किसी भी प्रकार की हानिकारक files को detect कर लेता है और उन्हें remove कर देता है.
  • इसके द्वारा हम आसानी से  कोई भी game या सॉफ्टवेर install सकते है और उन्हें चला सकते है.
  • कुछ ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System)  (जैसे:- LINUX) open source होते है इन्हें हम free में अपने computer पर run कर सकते है.

disadvantage of operating system in hindi

  • कुछ ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System) free होते है परन्तु कुछ महंगे होते है जैसे:- windows की कीमत लगभग 5000₹ से 10000₹ तक होती है.
  • linux को चलाना थोडा मुश्किल होता है विंडोज की तुलना में.
  • ये कभी कभी किसी hardware को सपोर्ट नहीं करती है,
  • mac OS में viruses का खतरा ज्यादा रहता है.

इन्हें भी जानें

  • समस्त हार्डवेयर संसाधनों की क्षमता के पर्याप्त उपयोग को सुनिश्चित करने हेतु ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System) एक साधन प्रबन्धक की भाँति कार्य करता है।
  • हार्डवेयर की क्षमता का समुचित उपयोग सुनिश्चित करना भी ऑपरेटिंग सिस्टम का ही कार्य हैं।
  • ऑपरेटिंग सिस्टम उपयोगकर्ता को एक आसान सा इंटरफेस प्रदान करता है, ताकि वह कम्प्यूटर का प्रयोग सरलतापूर्वक कर सके।
  • कम्प्यूटर पर कार्य करने वाले उपयोगकर्ता का लेखा-जोखा व्यवस्थित रखने का कार्य भी ऑपरेटिंग सिस्टम ही करता है एवं इस बात का ध्यान रखता है कि उपयोगकर्ता के कितने समय के लिए कम्प्यूटर पर कार्य किया है।

कम्प्युटर इनपुट आउटपुट डिवाइस


ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार (types of operating system in hindi)

Types of Operating System

types of operating systems

1. बैच प्रोसेसिंग ऑपरेटिंग सिस्टम (Batch Processing Operating System)

इस प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम में एक प्रकार के सभी कार्यों को एक (Batch) के रूप में संगठित करके साथ में क्रियान्वित किया जाता है। इस कार्य के लिए बैच मॉनीटर सॉफ्टवेयर का प्रयोग किया जाता है। इस प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग ऐसे कार्यों के लिए किया जाता है, जिनमें उपयोगकर्ता के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं होती।

इस ऑपरेटिंग सिस्टम में किसी प्रोग्राम के क्रियान्वन के लिए कम्प्यूटर के सभी संसाधन उपलब्ध रहते हैं, इसलिए समय प्रबन्धन (Time Management ) की आवश्यकता नहीं होती। ये ऑपरेटिंग सिस्टम संख्यात्मक विश्लेषण (Numerical Analysis), बिल प्रिंटिंग, पेरोल आदि में उपयोग किए जाते है।

2. सिंगल यूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम (Single User Operating System)

इस प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम में एक बार में केवल एक उपयोगकर्ता को ही कार्य करने की अनुमति होती है। यह सबसे अधिक प्रयोग किया जाने वाला ऑपरेटिंग सिस्टम है। उदाहरण के लिए विण्डोज 95/NT/2000 आदि ।

3. मल्टी यूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम (Multi User Operating System)

मल्टी यूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम एक समय में एक से अधिक उपयोगकर्ता को कार्य करने की अनुमति देता है। ये ऑपरेटिंग सिस्टम सभी उपयोगकर्ता के मध्य सन्तुलन बनाकर रखता है। प्रत्येक प्रोग्राम की संसाधन सम्बन्धी जरूरत को पूरा करता है। साथ ही साथ ये इस बात की भी निगरानी करता है कि किसी एक उपयोगकर्ता के साथ होने वाली समस्या दूसरे उपयोगकर्ताओं पर प्रभाव न डालें। ये ऑपरेटिंग सिस्टम कम्प्यूटर के संसाधनों का सर्वाधिक उपयुक्त प्रयोग करता है। उदाहरण के लिए यूनिक्स, वीएमएस (VMS) आदि ।

4. सिंगल टास्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम (Single Tasking Operating System)

सिंगल टास्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम में एक समय में केवल एक प्रोग्राम को ही चलाया (Run) जा सकता है। उदाहरण के लिए- पॉप (Palm) कम्प्यूटर में प्रयोग किया जाने वाला ऑपरेटिंग सिस्टम |

5. मल्टी टास्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम (Multi Tasking Operating System)

मल्टी टास्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम में एक समय में एक से अधिक कार्यों को सम्पन्न करने की क्षमता होती है, इसमें उपयोगकर्ता आसानी से दो कार्यों के मध्य स्विच (Switch) कर सकता है। मल्टी टास्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम को दो भागों में विभाजित किया गया है।

(i) प्रीम्पटिव ऑपरेटिंग सिस्टम (Preemptive Operating System)

इस प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम को कई कम्प्यूटर प्रोग्राम्स तथा हार्डवेयर डिवाइसेस शेयर (Share) करते हैं तथा उनका प्रयोग करते हैं। यह अपने समस्त कम्प्यूटेशन टाइम (Computation Time) को कार्यों के मध्य बाँट देता है तथा एक पूर्वनिर्धारित मापदंड (Predefined Criteria) के आधार पर ही किसी नए कार्य का निष्पादन पूर्व कार्य के निष्पादन रोककर भी प्रारम्भ हो जाता है उदाहरण OS / 2, Windows 95/NT आदि ।

(ii) क्रोऑपरेटिव मल्टी टास्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम (Cooperative Multitasking Operating System)

मल्टी टास्किंग का एक सरलतम रूप होता है। इस आपरेटिंग सिस्टम में एक प्रोग्राम तब तक CPU का प्रयोग करता है जब तक उसे आवश्यकता होती है। यदि कोई प्रोग्राम CPU का प्रयोग नहीं कर रहा है तो वह दूसरे प्रोग्राम को अस्थाई रूप से CPU को प्रयोग करने की अनुमति दे देता है। उदाहरण- Mac OS, MS-Window 3-X आदि।

6. टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम (Time Sharing Operating System)

इस प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम में एक साथ एक से अधिक उपयोगकर्ता या प्रोग्राम कम्प्यूटर के संसाधनों का प्रयोग करते हैं। इस कार्य में कम्प्यूटर अपने संसाधनों के प्रयोग हेतु प्रत्येक उपयोगकर्ता या प्रोग्राम को समय का एक छोटा भाग आवण्टित करता है

जिसे टाइम स्लाइस या क्वांटम कहते है। इस टाइम स्लाइस में यदि कोई उपयोगकर्ता या प्रोग्राम किसी संसाधन का प्रयोग कर रहा है तो दूसरा उपयोगकर्ता या प्रोग्राम उस संसाधन के प्रयोग हेतु प्रतीक्षा करता है, लेकिन यह समय इतना छोटा होता है कि अगले उपयोगकर्ता या प्रोग्राम को यह महसूस नहीं होता कि उसने प्रतीक्षा की है।

उपयोगकर्ता यह समझता है कि वहीं एक मात्र उपयोगकर्ता है जो कम्प्यूटर का प्रयोग कर रहा है। उदाहरण के रूप में मेन फ्रेम कम्प्यूटर जिसमें एक समय में एक ही कम्प्यूटर पर एक से अधिक उपयोगकर्ता कार्य करते है, लेकिन फिर भी प्रत्येक व्यक्ति यही समझता है कि वही एक मात्र उपयोगकर्ता है। इस प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम में सयम प्रबन्धन (Time Management) की आवश्यकता होती है।

इस ऑपरेटिंग सिस्टम में मैमोरी का सही प्रबन्ध आवश्यक होता है, क्योंकि कई प्रोग्राम एक साथ मुख्य मैमोरी में उपस्थित होते हैं इस व्यवस्था में सभी प्रोग्राम टाइम स्लाइस के आधार पर मुख्य मैमोरी में बारी-बारी से लाए जाते हैं तथा टाइम स्लाइस पूर्ण होने पर मैमोरी में भेज दिए जाते हैं।

इस प्रक्रिया को स्वैपिंग (Swiping) कहते हैं। यदि किसी प्रोग्राम के सम्पन्न होने में टाइम स्लाइस से अधिक समय लगता है तो उसे रोककर अन्य प्रोग्राम्स को क्रियान्वित (Execute) किया जाता है।

7. रीयल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम (Real Time Operating System)

रीयल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम एक ऐसा मल्टी टास्किंग ऑपरेटिंग सिस्टम होता है, जिसमें रीयल टाइम एप्लीकेशन्स का क्रियान्वन किया जाता है। जैसे-एयरक्रॉफ्टों में प्रयोग होने वाला ऑटो पायलेट मैकेनिज़्म (Autopilot Mechanism ) । इसमें एक प्रोग्राम के आउटपुट को दूसरे प्रोग्राम के आउटपुट की तरह प्रयोग किया जा सकता है,

इस कारण पहले प्रोग्राम के क्रियान्वयन में देरी से दूसरे प्रोग्राम का क्रियान्वयन और परिणाम रुक सकता है। रीयल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम में किसी भी दिए गए कार्य को पूरा करने की एक डेडलाइन दी गई होती है तथा इसी निर्धारित समय में उस कार्य को पूरा करना होता है। रीयल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम को दो भागों में बाँटा गया है।

(i) हार्ड रीयल टाइम सिस्टम ये सिस्टम किसी महत्वपूर्ण कार्य को समय पर पूरा करने की गारण्टी देता है। समय पर कार्य पूरा न होने की स्थिति में प्रोग्राम का निष्पादन फेल हो जाता है। उदाहरण के लिए एयरक्रॉफ्ट कण्ट्रोल सिस्टमस, पेसमेकर्स आदि ।

(ii) सॉफ्ट रीयल टाइम सिस्टम इस सिस्टम में भी किसी कार्य को पूरा करने के लिए एक डेडलाइन दी जाती है, किन्तु इस प्रकार के सिस्टम में कार्य का निष्पादन डेडलाइन से पहले और बाद में भी पूरा हो सकता है परन्तु इस स्थिति में कार्य का निष्पादन फेल नहीं होता ।


कुछ महत्वपूर्ण ऑपरेटिंग सिस्टम (Some Important Operating System)

विंडोस (Windows)

यह दुनिया का सबसे पॉपुलर और सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने PC OS है। जिसके बारे में हर कोई जानता है। हालांकि वैसे तो अभी तक विंडोज के कई सारे Versions आ चुके हैं।

लेकिन Windows XP, Windows 7, 8 और 10 सबसे पॉपुलर वर्जन्स हैं | Windows 11 सबसे लेटेस्ट वर्जन है। हालांकि विंडोज का मोबाइल वर्जन (Windows Mobile) भी लॉन्च किया गया था। लेकिन ज्यादा चला नहीं। अगर आपने Nokia Lumia सीरीज के Phones इस्तेमाल किए हैं। तो आपको अच्छी तरह मालूम होगा।

Windows Microsoft का सबसे सफलतम उत्पाद है। जिसकी वजह से माइक्रोसॉफ्ट की एक अलग पहचान है। लेकिन यह Microsoft की इकलौती पहचान नहीं है। इसके अलावा एक दूसरी पहचान भी है, जो Bill Gates के साथ जुड़ी हुई है। बिल गेट्स असल में दुनिया के सबसे अमीर व प्रभावशाली लोगों में से है। और Microsoft के मालिक हैं।

यूनिक्स (Unix )

यूनिक्स एक मल्टी टास्किंग व मल्टी उपयोगकर्ता ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसे वर्ष 1969 में विकसित किया गया। इसे वर्ष 1973 में सी (C) भाषा में लिखा गया है, किन्तु प्रारम्भ में इसे असेम्बली भाषा में लिखा गया था इसे वर्ष 1969 में AT&T Bell प्रयोगशाला में विकसित किया गया था।

इसका पूरा नाम यूनिप्लेकस इन्फॉर्मेशन कम्प्यूटर सिस्टम है। इस ऑपरेटिंग सिस्टम को सर्वर तथा वर्क स्टेशन दोनों में प्रयोग किया जा सकता है। इसमें डेटा प्रबन्धन का कार्य कर्नल (Kernal) द्वारा होता है। इस ऑपरेटिंग सिस्टम को इंस्टॉल व सेटअप करना कठिन होता है, किन्तु इस ऑपरेटिंग सिस्टम के इंस्टॉल होने पर कम्प्यूटर की क्षमता (Performance) बहुत बढ़ जाती है।

लाइनक्स (Linux)

यह ऑपरेटिंग सिस्टम वर्ष 1991 में लाइन्स टोरवॉल्डस (Lines Torvalds ) द्वारा विकसित किया गया था। इसका प्रयोग मुख्यतः सर्वर के लिए होता है। ये ऑपरेटिंग सिस्टम यूनिक्स पर आधारित है। ये एक ऑपन सोर्स सॉफ्टवेयर है तथा सभी प्रकार के कम्प्यूटर पर चल सकता है।

सोलेरिस (Solaris)

इस ऑपरेटिंग सिस्टम का विकास सन माइक्रोसिस्टम द्वारा वर्ष 1993 में किया गया था। किन्तु बाद में वर्ष 2010 में इस कम्पनी को ओरेकल (Oracle) कॉर्पोरेशन के द्वारा अधिगृहीत कर लिया गया, जिसके बाद इस सोलेरिस को ओरेकल सोलेरिस के नाम से जाना जाने लगा है। ये ऑपरेटिंग सिस्टम, सिस्टम मैनेजमेण्ट तथा नेटवर्क के कार्यों के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है।

भारत ऑपरेटिंग सिस्टम सोल्यूशन्स (Bharat Operating System Solutions-BOSS)

इस ऑपरेटिंग सिस्टम को C-DAC (Centre of Development of Advanced Computing) द्वारा विकसित किया गया था। ये ऑपन सॉर्स सॉफ्टवेयर है। इस ऑपरेटिंग सिस्टम को विशेष तौर पर भारतीय क्षेत्र में प्रयोग  करने के लिए बनाया गया है। जीएनयू / लाइनक्स वर्ज़न 5.0 (GNU Linux Version 5.0) इस ऑपरेटिंग सिस्टम का सबसे नवीनतम संस्करण है।

एम एस डॉस (MS DOS – Microsoft Disk Operating System)

यह एक सिंगल यूज़र ऑपरेटिंग सिस्टम है। यह माइक्रोसॉफ्ट द्वारा विकसित ऑपरेटिंग सिस्टम था। यह एक नॉन ग्राफिकल (गैर- सुचित्रित), कमाण्ड लाइन ऑपरेटिंग सिस्टम है। यह ऑपरेटिंग सिस्टम यूज़र फ्रेंडली नहीं होता,

क्योंकि इसमें कमाण्ड याद रखनी होती है। अब डॉस ज्यादा प्रयोग में नहीं आता, क्योंकि यह ग्राफिकल सुविधा प्रदान नहीं करता। एम एस विण्डोज़ (MS Windows) यह माइक्रोसॉफ्ट द्वारा विकसित ग्राफिकल यूज़र इण्टरफेस OS है। इसके विभिन्न संस्करण; जैसे- विण्डोज़ – 95/98/XP / Vista आदि बाज़ार में उपलब्ध हैं। यह एक यूज़र फ्रेंडली ऑपरेटिंग सिस्टम है तथा इसमें कार्य करना अत्यन्त सरल है।

मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम

कम्प्यूटर के अतिरिक्त ऑपरेटिंग सिस्टम मोबाइल्स में भी प्रयोग किए जाते है। इस प्रकार स्मार्ट फोन, टेबलेट्स और डिजिटल मोबाइल युक्तियों में प्रयुक्त होने वाले ऑपरेटिंग सिस्टम, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम कहलाते है। मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम मोबाइल युक्तियों (Devices) के साथ-साथ इसके विभिन्न फीचर्स (Features) को भी नियंत्रित करता है। कुछ मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम का विवरण निम्नलिखित हैं

एन्ड्रॉइड (Android)

इस ऑपरेटिंग सिस्टम को गूगल द्वारा 2007 में प्रस्तुत किया गया था। ये लाइनक्स पर आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम है। इसे प्रमुख रूप से टच स्क्रीन मोबाइलों जैसे टैबलेट, स्मार्ट फोन आदि के लिए बनाया गया है। एन्ड्रॉइड का नवीनतम संस्करण किटकैट है, जिसे जनवरी 2014 में प्रस्तुत किया गया है।

सिम्बियन (Symbian)

यह ऑपरेटिंग सिस्टम सिम्बियन लिमिटेडके द्वारा प्रस्तुत किया गया है। Symbian यह स्मार्ट फोनस के लिए डिजाइन किया गया ऑपन सोर्स ऑपरेटिंग OS सिस्टम है। इसका प्रयोग मोटोरोला, सोनी, नोकिया, सैमसंग आदि कम्पनियों के विभिन्न सेटों (Phone Sets ) में किया जा रहा है।

आई ओ एस (iOS)

यह एप्पल इनकॉर्पोरेशन के द्वारा निर्मित एक बहुत लोकप्रिय ऑपरेटिंग सिस्टम है। इसका प्रयोग मुख्य रूप से एप्पल के आईफोन (i-phone), आई-पॉड (ipod), आई-पैड (i-pad) इत्यादि में किया जाता है।

ब्लैकबैरी (Blackberry)

यह सबसे सुरक्षित माने जाने वाला ऑपरेटिंग सिस्टम है, जिसका प्रयोग ब्लैकबेरी कम्पनी के द्वारा ब्लैकबैरी फोनस् में किया जाता है। यह वैप 1.2 (WAP 1.2) को भी सपोर्ट करता है। इसका नवीनतम संस्करण ब्लैकबेरी 10 है।


प्रश्न-1 ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है?

उत्तर: ऑपरेटिंग सिस्टम, एक System Software है! जो दूसरे सॉफ्टवेयर्स के लिए जरूरी Space और Resources मुहैया करवाता है। यह कम्प्यूटर का Main Software (मुख्य सॉफ्टवेयर) होता है! इसे ओएस (OS) भी कहा जाता है। यह Basically निर्देशों का एक सेट होता है, जिसमें कम्प्यूटर के लिए अनगिनत निर्देश होते हैं।

प्रश्न-2 ऑपरेटिंग सिस्टम के कुछ उदाहरण बताइए । ऑपरेटिंग सिस्टम के उदाहरण कौन कौन से हैं?

उत्तर: विंडोज (Windows), लिनक्स (Linux), मैक ओएस (MacOS ), एंड्रॉयड (Android) और आइओएस (iOS) ऑपरेटिंग सिस्टम के सबसे अच्छे उदाहरण हैं।

प्रश्न-3, ऑपरेटिंग सिस्टम के कौन-कौनसे प्रकार हैं?

उत्तर: ऑपरेटिंग सिस्टम के कई प्रकार हैं। जैसे कि बेंच प्रोसेसिंग ऑपरेटिंग सिस्टम (BPOS), टाईम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम, डिस्ट्रीब्यूटेड ऑपरेटिंग सिस्टम, मल्टीप्रोसेसिंग ऑपरेटिंग सिस्टम, नेटवर्क ऑपरेटिंग सिस्टम, रियल टाईम ऑपरेटिंग सिस्टम और एम्बेडेड ऑपरेटिंग सिस्टम आदि ।

प्रश्न- 4. ऑपरेटिंग सिस्टम के मुख्य कार्य कौन – कौन से हैं?

उत्तर: ऑपरेटिंग सिस्टम के मुख्य कार्य ये हैं :- मैमोरी मैनजमेंट, सीपीयू मैनेजमेंट, फाईल मैनेजमेंट, डिवाइस मैनेजमेंट, यूजर व कम्प्यूटर के बीच मध्यस्थता करना, पर्फोर्मेंस में सुधार करना, गड़बडिय़ों (Errors) का पता लगाना, जॉब अकाउंटिंग, ग्राफिकल यूजर इंटरफेस प्रदान करना और सिस्टम को सिक्योर रखना, Operating System के मुख्य कार्य हैं।

प्रश्न-5. सबसे पॉपुलर ऑपरेटिंग सिस्टम कौनसा है?

उत्तर: आज के दिन PC के लिए Windows और Macintosh, और Mobile के लिए Android और iOS सबसे पॉपुलर ऑपरेटिंग सिस्टम्स हैं।

प्रश्न- 6. GUI का फुल फॉर्म क्या है?

उत्तर: CUI का फुल फॉर्म Graphical User Interface है।

प्रश्न-1. सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम कौनसा है?

उत्तर: एंड्रॉयड (Android) दुनिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम (Mobile OS है।

प्रश्न- 8. सबसे सुरक्षित मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम कौनसा है?

उत्तर: एप्पल का आइओएस (iOS) दुनिया का सबसे सुरक्षित मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम (Secured Mobile OS) है।

प्रश्न- 9. सबसे सुरक्षित पीसी ऑपरेटिंग सिस्टम कौनसा है?

उत्तर: मैकिंटोश (Macintosh) और तिनक्स (Linux) दुनिया के सबसे सुरक्षित पीसी ऑपरेटिंग सिस्टम्स (Most Secured PC Operating Systems) हैं।

ऑपरेटिंग सिस्टम कितने होते हैं?

बहुत प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्टम होते है ये उपयोग के आधार पर होते है । दुनिया मे सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले operating system windows है इसके अलावा भी दूसरे operating system है  लिनक्स (Linux), मैक ओएस (MacOS ), एंड्रॉयड (Android) और आइओएस (iOS) ऑपरेटिंग सिस्टम के सबसे अच्छे उदाहरण हैं।


conclusion

हमे उम्मीद है की आपको हमारे इस पोस्ट operating system in hindi के माध्यम से ऑपरेटिंग सिस्टम से जुड़े आपके सभी सवालो का जवाब मिल गया होगा अगर इसमे किसी प्रकार की कोई कमी हो तो आप हमे कोम्मेंर्ट या मेल करके बता सकते हो ।


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