आउटपुट डिवाइस क्या है और इसके प्रकार | Output device in Hindi

output device in hindi –  कंप्यूटर में सारे कॉम्पोनेन्ट को अलग अलग डिवाइस के नाम से बांटा गया है उनमे से आउटपुट डिवाइस  उसका एक हिस्सा है। जिस प्रकार से इनपुट डिवाइस पर कंप्यूटर को डेटा और इंस्ट्रक्शन देने के काम आता  हैं उसी तरह एक आउटपुट डिवाइस  प्रोसेस डेटा को रिज़ल्ट करके दिखने का काम कर्ता है ।

output device in hindi

हमने इसके पहले वाली पोस्ट मे कम्प्युटर के इनपुट डिवाइस ( input device ) के बारे मे आपको बताया था और आज हम आपको कम्प्युटर के आउटपुट डिवाइस (output) के  मे बताने वाले है । इस आर्टिकल को पूरा पढ़िए आपको Output Device की पूरी तरह से जानकारी प्राप्त हो जाएगी।


आउटपुट डिवाइस के उपयोग – आउटपुट डिवाइस कंप्यूटर सिस्टम के वे उपकरण हैं, जो कंप्यूटर स्टोरेज पर स्टोर इनफार्मेशन या प्रोसेस  रिजल्ट को दिखाते हैं। किसी भी इंस्ट्रक्शन या कमांड को जब कम्यूटर प्रोसेस करता है ,तो उसका रिजल्ट हमे आउटपुट डिवाइस से मिलता है। जैसे की एक यूजर इनपुट डिवाइस (input device) से कमांड देता है, वो डेटा CPU में प्रोसेस होता है,और सीपीयू प्रोसेस रिजल्ट को आउटपुट डिवाइस में प्रदर्शित करता है।

 

कंप्यूटर सिस्टम के आम उपयोग होने वाले आउटपुट डिवाइस हैं : मॉनिटर और प्रिंटर। मॉनिटर से जो आउटपुट रिजल्ट मिलता है उसे सॉफ्ट कॉपी कहते है, क्यों के मॉनिटर में सिर्फ हम रिजल्ट देखते हैं इसलिए सॉफ्ट कॉपी कहा जाता है जबकि उसी रिजल्ट को प्रिंटर से प्रिंट आउटपुट मिलता है, तो उसे हार्ड कॉपी कहते हैं।


आउटपुट डिवाइस के प्रकार | Types of Output Device

आउटपुट किसे कहते हैं – आउटपुट डिवाइस का काम कम्प्युटर द्वारा किए गए कामो के रिसूल्ट को user को दिखाना है । output device भी भिन्न भिन्न प्रकार के होते है । हम आपको उन सब की एक सूची और उनके बारे मे जानकारी देने जा रहे है तो इसे पूरा जरूर पड़े । आउटपुट डिवाइस का चित्र भी देखे । 5 आउटपुट डिवाइस के नाम। 

10 आउटपुट डिवाइस के नाम

1मॉनीटर (monitor )
2प्रिंटर (printer)
3प्लॉटर ( Plotter)
4स्पीकर  (Speaker)
5हैडफोन (Headphone)
6प्रॉजेक्टर (Projector)
7जीपीएस (GPS)
83D प्रिंटर (3D Printer)
9साउंड कार्ड (Sound card)
10वीडियो कार्ड  (Video Card)

1.  मॉनिटर  – Monitor 

कंप्यूटर मॉनिटर एक Output Device है, जो स्क्रीन पर सूचना को टेक्स्ट या इमेज के रूप में दिखाता है। मॉनिटर शब्द का प्रयोग अक्सर “कंप्यूटर स्क्रीन” या “डिस्प्ले” के समानार्थक रूप में किया जाता है। हालाँकि, मॉनिटर शब्द आमतौर पर पूरे मॉनिटर बॉक्स को संदर्भित करता है, जबकि डिस्प्ले स्क्रीन का मतलब सिर्फ स्क्रीन हो सकता है।

monitor

मॉनीटर को विजुअल डिस्प्ले डिवाइस (Visual Display Device VDU) भी कहते है मॉनीटर कम्प्यूटर से प्राप्त परिणाम को सॉफ्ट कॉपी के रूप में दिखाता है। मॉनीटर दो प्रकार के होते हैं; मोनोक्रोम मॉनीटर डिस्प्ले और कलर डिस्प्ले मॉनीटर मोनोक्रोम डिस्प्ले मॉनीटर टेक्स्ट को डिस्प्ले करने के लिए एक ही रंग का प्रयोग करता है

और कलर डिस्प्ले मॉनीटर एक समय में 256 रंगो को दिखा सकता है। मॉनीटर पर चित्र छोटे-छोटे बिन्दुओं (Dots) से मिलकर बनता है। इन बिन्दुओं को पिक्सल (Pixels) के नाम से भी जाना जाता है।

मॉनिटर के प्रकार | Types of Monitor

आज के इस आधुनिक समय मे हर एक दिन कुछ न कुछ नया आविष्कार होते है । येसे कम्प्युटर मॉनिटर के क्षेत्र मे भी भिनभिन्न तरह के मॉनिटर का विकास या आविष्कार हुआ है । जिनका उपयोग भी अलग अलग होता है ।  जैसे गेम खेलना, मूवी देखना और कई अन्य कई ऐसे चीजें है जो हम मॉनिटर पर काम करते है। कंप्यूटर मॉनीटर के लिए कई तकनीकों का उपयोग किया गया है। मॉनिटर कई प्रकार के होते हैं; यहाँ टेक्नोलॉजी के हिसाब से कुछ इस प्रकार हैं:

  • Cathode Ray Tube (CRT) Monitors
  • LCD Monitors
  • TFT Monitors
  • LED Monitors
  • OLED Monitors
  • Touch Screen Monitors
  • Plasma Screen Monitors
  • Quantum dot display

2. प्रिंटर – printer

प्रिंटर सबसे लोकप्रिय Output Device है।  प्रिण्टर्स एक प्रकार का आउटपुट डिवाइस है इसका प्रयोग कम्प्यूटर से प्राप्त डेटा और सूचना को किसी कागज पर प्रिण्ट करने के लिए करते हैं। यह ब्लैक और हाइट (Black and White) के साथ-साथ कलर डॉक्यूमेण्ट को भी प्रिण्ट कर सकता है किसी भी प्रिण्टर की क्वालिटी उसकी प्रिंटिंग की क्वालिटी पर निर्भर करती है

printer in hindi

अर्थात् जितनी अच्छी प्रिंटिंग क्वालिटी होगी, प्रिण्टर उतनी ही अच्छा माना जाएगा। किसी प्रिण्टर की गति कैरेक्टर प्रति सेकण्ड (Character Per Second- CPS) में, लाइन प्रति मिनट ( Line Per Minute LPM) में और पेजेज प्रति मिनट (Pages Per Minute PPM ) में मापी जाती है।

किसी प्रिण्टर की क्वालिटी डॉट्स प्रति इंच (Dots Per Inch-DPI) में मापी जाती है। अर्थात् पेपर पर एक इंच में जितने ज्यादा-से-ज्यादा बिन्दु होंगे, प्रिंटिंग उतनी ही अच्छी होगी ।

प्रिंटर के प्रकार | Types of Printer

(i) इम्पैक्ट प्रिण्टर ( Impact Printer )

यह प्रिण्टर टाइपराइटर की तरह कार्य करता है। इसमें अक्षर छापने के लिए छोटे-छोटे पिन या हैमर्स होते हैं। इन पिनों पर अक्षर बने होते हैं। ये पिन स्याही से लगे हुए रिबन (Ribbon ) और उसके बाद पेपर पर प्रहार करते है, जिससे अक्षर पेपर पर छप जाते हैं।

इम्पैक्ट प्रिण्टर एक बार में एक कैरेक्टर या एक लाइन प्रिण्ट कर सकता है। इस प्रकार के प्रिण्टर ज्यादा अच्छी क्वालिटी की प्रिंटिंग नहीं करते हैं।

ये प्रिण्टर दूसरे प्रिंण्टर्स की तुलना में सस्ते होते हैं और प्रिंटिंग के दौरान आवाज अधिक करते हैं, इसलिए इनका प्रयोग कम होता है।

(ii) नॉन-इम्पैक्ट प्रिण्टर (Non – Impact Printer)

ये प्रिण्टर कागज पर प्रहार नहीं करतें, बल्कि अक्षर या चित्र प्रिण्ट करने के लिए स्याही की फुहार कागज पर छोड़ते हैं। नॉन-इम्पैक्ट प्रिण्टर प्रिंटिंग में इलेक्ट्रोस्टैटिक केमिकल और इंकजेट तकनीकी का प्रयोग करते हैं। इसके द्वारा उच्च क्वालिटी के ग्राफिक्स और अच्छी किस्म के अक्षरों को छापा जाता है। ये प्रिण्टर इम्पैक्ट की तुलना में महँगे होते हैं, किन्तु इनकी छपाई इम्पैक्ट प्रिण्टर की अपेक्षा ज्यादा अच्छी होती है। नॉन-इम्पैक्ट प्रिण्टर निम्न प्रकार के होते हैं।


3. प्लॉटर ( Plotter)

प्लॉटर एक आउटपुट डिवाइस है, जिसका प्रयोग बड़ी ड्राइंग या चित्र जैसे कि कंन्स्ट्रक्शन प्लान्स (Construction Plans), मैकेनिकल वस्तुओं की ब्लूप्रिण्ट AUTOCAD, CAD / CAM आदि के लिए करते हैं।

plotter in hindi

इसमें ड्रॉइंग बनाने के लिए पेन, पेन्सिल, मार्कर आदि राइटिंग टूल का प्रयोग होता है। यह प्रिण्टर की तरह होता है। इसमें एक समतल चौकोर सतह पर कागज लगाया जाता है। इस सतह से कुछ ऊपर एक ऐसी छड़ (Rod) होती है, जो कागज के एक सिरे से दूसरे सिरे तक चल सकती है।

इस छड़ पर अलग-अलग रंगों के दो या तीन पेन लगे होते हैं, जो छड़ पर आगे-पीछे सरक सकते हैं। इस प्रकार छड़ और पेनों की सम्मिलित हलचल से समतल सतह के किसी भी भाग में कागज पर चिन्ह या चित्र बनाया जा सकता है।

इनके द्वारा छपाई अच्छी होती है, परन्तु ये बहुत धीमे होते हैं तथा मूल्य भी अपेक्षाकृत अधिक होता है। लेजर प्रिण्टरों के आ जाने के बाद इनका प्रयोग लगभग समाप्त हो गया है।

प्लॉटर दो प्रकार के होते है।

(i) फ्लैट बैड प्लॉटर (Flat Bed Plotter) ये प्लॉटर साइज में छोटे होते हैं तथा इसे आसानी से मेज पर रखकर प्रिंटिंग की जा सकती है। इसमें जो पेपर प्रयोग होता है, उनका आकार (Size) सीमित होता है।

(ii) ड्रम प्लॉटर (Drum Plotter ) ये साइज में काफी बड़े होते हैं। तथा इसमें प्रयुक्त पेपर की लम्बाई असीमित होती है। इसमें पेपर का एक रोल (Roll) प्रयोग किया जाता है।

प्लॉटर के प्रकार | Types of Plotter in Hindi

प्लॉटर आपको विभिन्न प्रकार के डिज़ाइन को बनाने की अनुमति देने की क्षमता के लिए सबसे लोकप्रिय होता हैं। प्लॉटर के आम प्रकार में ड्रम प्लॉटर, फ्लैटबेड प्लॉटर और इंकजेट Plotter शामिल होते हैं। इस प्रकार के प्रत्येक प्लॉटर का एक अलग विशिष्ट काम में उपयोग होता है। प्लॉटर एप्लीकेशन के हिसाब अलग अलग प्रकार के होते हैं, जो निम्नलिखित इस प्रकार हैं:

  • Drum Plotters
  • Flatbed plotters
  • Cutting Plotters
  • Inkjet Plotters
  • Electrostatic Plotters

4. स्पीकर (Speaker)

यह एक प्रकार की आउटपुट डिवाइस है जो कम्प्यूटर से प्राप्त आउटपुट को आवाज के रूप में सुनाती है। यह कम्प्यूटर से डेटा विद्युत धारा (Electric Current) के रूप में प्राप्त करता है। इसे सीपीयू (CPU) से जोड़ने केलिए साउण्ड कार्ड की जरूरत पड़ती है।

speakaer

कंप्यूटर सिस्टम का एक हार्डवेयर डिवाइस स्पीकर एक Output Device होता है जो ध्वनि उत्पन्न करने के लिए कंप्यूटर से जोड़ा जाता है। कंप्यूटर से ध्वनि को उत्पन्न करने के लिए स्पीकर का उपयोग किया जाता है जो की साउंड कार्ड द्वारा सिग्नल उत्पन्न होता है । कंप्यूटर का साउंड कार्ड एक सिग्नल को बनाता है जिसका ध्वनि उत्पन्न करने के लिए उपयोग किया जाता है। कुछ स्पीकर किसी भी प्रकार के साउंड सिस्टम डिवाइस से कनेक्ट करने के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं, जबकि कुछ स्पीकर को केवल कंप्यूटर से कनेक्ट किया जा सकता है।

स्पीकर के प्रकार | Types of Speaker

स्पीकर आज बहोत प्रकार से बाजार में उपलब्ध हैं आपके जरुरत के हिसाब से आप कई प्रकार के स्पीकर को चुन सकते हैं । नीचे दिए गए विभिन्न प्रकार के स्पीकरों पर चर्चा की गई है जो स्पीकर प्रकार के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। स्पीकर के प्रकार हैं :

  • Computer Speaker
  • Loud Speaker
  • Subwoofers
  • Studio Monitors
  • Bluetooth Speaker
  • Outdoor Speaker
  • Floor Standing Speaker
  • Satellite Speaker
  • In-Wall/Ceiling Speaker
  • Bookshelf Speaker

कम्प्युटर की विशेषता 


5. हेड फोन्स (Head Phones )

हेडफ़ोन आमतौर में छोटे स्पीकर की एक जोड़ी है जिसका कंप्यूटरम्यूजिक प्लेयर या ऐसे अन्य किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण से ऑडियो सुनने के लिए उपयोग किया जाता है। हेड फोन्स एक प्रकार की आउटपुट डिवाइस है।

headphone

जिसमें छोटे लाउड स्पीकर का एक जोड़ा होता है तथा इसकी बनावट ऐसी होती है कि ये सिर पर बेल्ट की तरह पहना जा सकता है तथा दोनों स्पीकर मनुष्य के कान के ऊपर आ जाते हैं।इसीलिए इसकी आवाज सिर्फ इसे पहनने वाला व्यक्ति ही सुन सकता है। किसी-किसी हैड फोन के साथ माइक भी लगा होता है, जिससे सुनने के साथ-साथ बात भी की जा सकती है।

इस उपकरण का प्रयोग प्रायः टेलीफोन ऑपरेटरों, कॉल सेण्टर ऑपरेटरों, कमेण्टेटरों आदि द्वारा किया जाता है। इसे स्टेरियों फोन्स, हेड सेट या कैन्स के नाम से भी जाना जाता है।

हेडफोन के प्रकार | Types of Headphone in Hindi

हैडफ़ोन एक यूजर के जरूरतों के हिसाब से कई प्रकार के होते हैं। जैसे की हैडफ़ोन का उपयोग घरेलु से लेकर संगीत इंडस्ट्री तक हर क्षेत्र में होता है। हैडफ़ोन को और पोर्टेबिलिटी के आधार पर चार अलग-अलग श्रेणियों में इसे विभाजित किया जा सकता है: सर्कमऑरल (Circumaural) Over-Ear, सुप्रा-ऑरल (Supra-aural), ईरफ़ोन (Ear Phone और इन-इयर (In-ear) हैडफ़ोन के प्रकार इस प्रकार से हैं :

  • Circumaural Over-Ear Headphone
  • Supra-aural Headphone
  • Earphone
  • In-ear Headphone
  • Open- or closed-back

6. प्रोजेक्टर (Projector)

यह एक प्रकार का आउटपुट डिवाइस है, जिसका प्रयोग कम्प्यूटर से प्राप्त सूचना या डेटा को एक बड़ी स्क्रीन पर देखने के लिए करते हैं। इसकी सहायता से एक समय में बहुत सारे लोग एक समूह में बैठकर कोई परिणाम देख सकते हैं।

projector

इसका प्रयोग क्लास रूम ट्रेनिंग या एक बड़े कॉन्फ्रेन्स हॉल जिसमें ज्यादा संख्या में दर्शक हों, जैसी जगहों पर किया जाता है। इसके द्वारा छोटे चित्रों को बड़ा करके सरलतापूर्वक देखा जा सकता है। यह एक प्रकार का अस्थायी आउटपुट डिवाइस है। |

प्रोजेक्टर के प्रकार | Types of Projector in Hindi

प्रोजेक्टर के प्रकार देखा जाए तो LCD (liquid crystal display) और DLP (digital light processing) दो सामान्य प्रकार के Projector आते हैं। हालाँकि, CRT (cathode ray tube) प्रोजेक्टर एक अन्य प्रकार का Projector शामिल है, जो आजके Projector से पहले के समय में बहुत लोकप्रिय था। आधुनिक समय में, CRT Projector अब उपयोग में नहीं आता हैं; क्योंकि वे कम रोशनी प्रदान करते थे और बड़े आकार वाले होते थे। प्रोजेक्टर के प्रकार कुछ इस प्रकार से हैं :

  • CRT Projector
  • LCD Projector
  • DLP Projector

कम्प्युटर का इतिहास


7. जीपीएस (GPS)

jps

जीपीएस जिसका फुल्ल फोरम – ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस), जिसे मूल रूप से Navstar GPS के रूप में जाना जाता है, एक उपग्रह-आधारित रेडियो नेविगेशन प्रणाली है जो संयुक्त राज्य अमेरिका सरकार के स्वामित्व में है और संयुक्त राज्य अंतरिक्ष बल द्वारा इसे संचालित किआ जाता है। इसका भूमि, समुद्र और वायु में सटीक लोकेशन, समय और वेग पता लगाने के लिए उपयोग किया जाता है। जीपीएस किसी भी प्रकार के मौसम की स्थिति में काम करता है।

जीपीएस के प्रकार | Types of GPS in Hindi

Global positioning system (GPS) में व्यापक रूप से विविध अनुप्रयोग होते हैं। विभिन्न प्रकार के GPS को विकसित करते हुए इसमें कई संशोधन भी किए गए हैं। जबकि सभी जीपीएस एक ही मौलिक सिद्धांत का उपयोग करते हुए अपना काम करते हैं, यह प्रत्येक वर्ग विशिष्ट मांगों को पूरा करने में माहिर होते है। जीपीएस के प्रकारों में शामिल हैं:

  • Assisted GPS (A-GPS)
  • Simultaneous GPS (S-GPS)
  • Differential GPS (D-GPS)
  • Non-differential GPS
  • Mapping GPS
  • Non-mapping GPS

8.  3D प्रिंटर (3D Printer)

कंप्यूटर में, एक 3D प्रिंटर एक Output Device है जो उपयोगकर्ताओं को किसी ऑब्जेक्ट को 3-Dimensional (3D) CAD (Computer Aided Design) छवियों के रूप में प्रिंट करने की अनुमति देता है।

3d printer

3D printed object को बनाने के लिए additive processes का इस्तमाल किया जाता है. इस additive process में एक object को create करने के लिए material को successive layers में एक के ऊपर एक रखा जाता है जब तक की वो object create न हो जाये. इसमें प्रत्येक layers को आप देख सकते हैं एक thinly sliced horizontal cross-section के तोर पर उस eventual object का जो की आखिर में आप बनाना चाहते हैं.

 


9. साउंड कार्ड (Sound card) 

sound

Output Device in Hindi – Sound Card एक आउटपुट डिवाइस है जो कंप्यूटर में ऑडियो प्राप्त करने और भेजने के लिए  मदरबोर्ड में स्थापित किआ जाता है। यह एक Expansion Slot का घटक है। जब साउंड कार्ड मदरबोर्ड में स्थापित और कॉन्फ़िगर किए जाते हैं और एक सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन और एक डिवाइस ड्राइवर की मदद से साउंड कार्ड हमे ऑडियो आउटपुट देते हैं।

Sound Card एक component होता है जो की कंप्यूटर के भीतर स्तिथ होता है. यह computer को audio input और output capabilities प्रदान करता है. ज्यादातर sound cards में कम से कम एक analog line input और एक stereo line output connection तो होता ही है।


10. वीडियो कार्ड  (Video Card) 

video card

Output Device in Hindi – एक वीडियो कार्ड को Graphics card, Display card, Graphics adapter, GPU, VGA card, VGA ,Video adapter, Video controller या Display adapter भी कहा जाता है, यह एक Expansion card है जो कंप्यूटर में डिस्प्ले डिवाइस जैसे की मॉनिटर या प्रोजेक्टर पर आउटपुट इमेज की फीड को जेनरेट करता है। यह कंप्यूटर के मदरबोर्ड में Expansion Slot में कनेक्ट होता है।


conclusion 

कंप्यूटर के आउटपुट डिवाइस (output device in hindi ) – हमे उम्मीद है की आपको हमारे इस पोस्ट के माध्यम से कम्प्युटर के सभी आउटपुट डिवाइस के बारे मे जानकारी मिल गई होगी । अगर हमारी इस पोस्ट मे किसी प्रकार की कोई कमी हो तो आप हमे कमेंट या मेल करके बता सकते हो । हमारी इस output device in hindi पोस्ट को पड़ने के लिए आपका धन्यवाद ।


कम्प्युटर- comuter 


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